My poetry

कोई समझ ना पाएगा,

हिन्दी कविता शीर्षक : कोई समझ ना पाएगा करूं शिफारिश किससे ऐ दिल, तेरी चाहतों को कोई समझ ना पाएगा, महफिलें लाख हो जिंदगी में,…

मेरा गढ का गढवास्युं uttarakhand

मेरा गढ का गढवास्युं        ््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््…

आस

कभी निकला मै घर से सर्द हवाओं में, तो कभी झुलसा गर्म हवाओं में, पैदल ही निकल पड़ता हूं अक्सर घर से, दो पैसे कमाने में,      …

कन्यादान kanyadan

kanya daan               कन्यादान You tube - में देखने के लिए क्लिक करें   कन्यादान  से   हर्षित  निर्धन करे  कृतज्…

नया नाता खोजी

नया नाता खोजी पुरणो  दगड़्या  बिसरी गीं नया लुखु कि नयी छुयूं मा दगड्डया म्यारा अळजी गी नया नाता खोजी खूब किस्सा पुरणी याद…

जुन गेंणा 24/01/22

चांद  और  तारों    chand or tare  की अनोखी वार्तालाप जिसमें तारे   अपनी तुलना मर्त्या लोक के जन मानस से कर रहे हैं और 🌚 तार…

मां कि चिठ्ठी,

गुम हो गई मेरी मां कि वो चिठ्ठी, जिस पर रख कर वो प्यार भेजा करती थी, पूछा करती थी,कैसा हाल है मेरा, कुछ हाल वो अपना सुनाती थ…

meri abhilasha | मेरी अभिलाषा 16/012022

मेरी अभिलाषा    अब अश्वेत केश नहीं नैन तीव्र  नहीं आयु भी ज्यादा रही नहीं,  आयु अ…

माफ कर दो ना,

सुनो ना, इतनी भी क्या बेरूखी हमसे, चलो माफ कर दो ना, नादान थे जो रूठे तुम से, अब तुम भी मान जाओ ना, छोटी सी है ज…

चलो पथिक अभी

चलो पथिक अभी दूर है जाना  जीवन पथ पर रुक ना  जाना मुक्ति  मार्ग का जन्म मिला है जन्म सफल तुम करके जाना सुन पथिक अभी दूर है ज…

खेल अनोखे,

चल चलते है उस बचपन में, जहां खेल अनोखे खेले थे, गिरते, पड़ते, और हंसते रोते थे, चल चलते है उस बचपन में, जहां खेल अनोखे खेले …

वो मेरे अपने

फ़ुरसत नहीं अब किसी को हालचाल पूछने का, खेरियत में भी जिस्म बिमार लगते है,                           जेब खाली हो तो औकात पूछ…

भोल फजल 30/12/21

भौल बिटि केमा बच्याणं फजल युंल बूंण चली जांण ना छुंई  ना ठट्टा मजाक मील भीतर फुण्डु  यखुली रिगणू राण भौल बिटि केमा बच्याण फि…

तुम सही मैं ग़लत,

छोड़ दो ना बेवजह किसी का हमदर्द बनना ,  सभी तो मतलबी बन बैठे हैं,       रिश्ता अकेले तुम निभाओ,       ऐ भी तो सह…

पहाडी रिवाज (26/12/21)

ओ पहली सी ईगास कू रिवाज अब नी राई औ बग्वाली मा स्वाला पकोडो कु स्वाद अब नी रै अब चोउमिन पीजा बर्गर का  शोकीन ह्वै ग्या हम  ल…

लॉकडाउन lockdown

बहुत व्है ग्या जग्वाऴ भैजी अब फण्डू मार फाऴ भैजी भण्डी ह्वै गी लोक डाउन का  त्योहार  भैजी अब ना लगा खुटऴि दिया अब चा  तै पाप…

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